आजादी की साक्षी
वो मुझे डराता है ,कंकरीली सड़क दिखाता है,
बताता है कि सत्य का साथ देने वाला गुमनाम कहलाता है
मे भी हंसके समझाता हूँ
पन्नो को पलटाता हूँ
अनगिनत क्रांतिवीरो के चित्रों कों शीश नवाता हूँ
बताता हूँ की अंधकार के वक्ष स्थल पर छोटा दीप काफी है
उसी की रौशनी हमारी आजादी की साक्षी है |
very nice...
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