बुधवार, 24 अगस्त 2011

Mother Teresa

      नहीं तेरा कोई सानी ..........

तपते   रेगिस्तान में एक बूंद पानी की 
सूखे खलिहान में छाँव हरियाली की 
मुरझाते जीवन में सांसे खुशिहाली की

बरसाती थी नेह , ब नके मेह
भर्ती थी उर्जा का वेग 
ऐसा था त्याग और तपस्या का
अद्भुत समावेश 

क्या  कहूँ  उनके बारे कुछ 
सारी  उपमाएं  जि नके सामने है तुच्छ 


सच तो ये है 
तू आज भी  जीवित है बन अद्भुत कहानी 
मदर टेरेसा नहीं तेरा कोई सानी
नहीं तेरा कोई सानी |

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